मतदाता सूची में सुस्ती, प्रशासन सख्त
भोजीपुरा विधानसभा में मतदाता सूची डिजिटाइजेशन सुस्त: 15 BLO को नोटिस, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी। चंदन सक्सेना, ममता गंगवार समेत नाम शामिल!
➡️ भोजीपुरा विधानसभा: मतदाता सूची पुनरीक्षण में भारी सुस्ती
➡️ 15 BLO को नोटिस + लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी
➡️ डिजिटाइजेशन-फील्ड वेरिफिकेशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
➡️ नामजद BLO: चंदन सक्सेना, ममता गंगवार, सुमिताभ कुमार, इरशाद अली समेत 15
➡️ जिला निर्वाचन अधिकारी: सुपरवाइजर खुद फील्ड में उतरें, रोज मॉनिटरिंग
➡️ 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चल रहा विशेष पुनरीक्षण
➡️ आगे और सख्ती: पारदर्शी-निष्पक्ष चुनाव के लिए जीरो टॉलरेंस
भोजीपुरा विधानसभा में 15 बीएलओ को चेतावनी, नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं
जन माध्यम
बरेली। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का कार्य प्रदेशभर में 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चल रहा है। इस दौरान भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में काम की धीमी प्रगति ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। चुनावी प्रक्रिया की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने 15 बीएलओ को नोटिस जारी कर उनके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की संबंधित धाराओं में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिला प्रशासन के अनुसार, नोटिस प्राप्त बीएलओ ने अपनी जिम्मेदारी में शिथिलता बरती और समय पर डिजिटाइजेशन तथा फील्ड वेरिफिकेशन का कार्य पूरा नहीं किया। यह लापरवाही मतदाता सूची की पारदर्शिता और जनता की प्रतिनिधित्व प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती थी।इन 15 बीएलओ में चन्दन सक्सेना धौरेरामाफी आयद ख़ां व ममता गंगवार,भगवानपुर धिमरी, सुमिताभ कुमार,रूपापुर बढ़ैपुरा, इरशाद अली, गिरधारीपुर, नूतन कुमारी झा धौराटांडा,प्रियंका सिंह,विवियापुर चौधरी,प्रवीन कुमार दौली रघुवर दयाल,सुरजीत कुमार घुरसमसपुर, रिजवाना बेगम डहिया, रवि अली उदयपुर बन्नोजान ,विमला देवी सेड़ा ,मुजफ्फर खां करमपुर चौधरी, नरोत्तम पाल ,गहलुईया, और राजेंद्र सिंह नगरिया खुर्द शामिल हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और सुपरवाइजरों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कार्य की नियमित निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय पर फील्ड वेरिफिकेशन और डिजिटाइजेशन कार्य पूरा किया जाना अनिवार्य है।प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी हो। आने वाले दिनों में सभी बीएलओ की कार्यप्रगति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकतानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।