डीएम ने स्वास्थ्य समिति पर कसा शिकंजा

डीएम अविनाश सिंह ने स्वास्थ्य समिति बैठक में फटकार लगाई, टीकाकरण न कराने वाले परिवारों का राशन रोको, लापरवाह आशाओं की सेवा खत्म।

डीएम ने स्वास्थ्य समिति पर कसा शिकंजा
HIGHLIGHTS:

➡️ टीकाकरण न कराने वाले परिवारों का राशन रोको
➡️ कई आशाओं की सेवा तत्काल समाप्त
➡️ लापरवाही बर्दाश्त नहीं – डीएम की फटकार
➡️ संस्थागत प्रसव बढ़ाओ, आशा पेमेंट 20 दिन में
➡️ एक व्यक्ति पूरे समाज को खतरे में नहीं डाल सकता
➡️ स्वास्थ्य विभाग में बड़ी सफाई

टीकाकरण में लापरवाही पर आशाओं की सेवा समाप्त,कठोर कार्रवाई के निर्देश

जन माध्यम 
बरेली।
सोमवार को डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि टीकाकरण नहीं कराने वाले परिवारों के कारण समाज को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, और ऐसे लोगों पर कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। संबंधित परिवारों की सूची जिला पूर्ति अधिकारी को उपलब्ध कराई जा चुकी है, ताकि उन्हें राशन जैसी सुविधाएँ रोकी जा सकें।बैठक में तहसील बहेड़ी के विकास खण्ड शेरगढ़ के एक ग्रामीण द्वारा टीकाकरण के लिए पैसे मांगने का मामला उठाया गया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि एक व्यक्ति के कारण पूरे समाज को नहीं रोका जाएगा, और इसका पालन सख्ती से किया जाएगा।जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव की समीक्षा में संख्या में सुधार देखा गया, और सभी संबंधित अधिकारियों को इसे और बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं आशा भुगतान की समीक्षा में अक्टूबर तक के पेमेंट विभाग को भेजे जाने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सितम्बर तक का भुगतान हो चुका है और अक्टूबर का भुगतान 15-20 दिन में पूरा हो जाएगा। बैठक में कई आशाओं की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिनमें शहरी क्षेत्र की वर्षा सक्सेना, रानी, प्रभापाल, साधना शर्मा, चांदनी रस्तोगी, कल्पना, आशा देवी और डौली शामिल हैं। इसी तरह, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिथरीचैनपुर की मोना, निरंजना एवं आशा रजनी की कार्य में लापरवाही पर भी सेवा समाप्ति की सहमति दी गई।राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गंगापुरम के संविदा सपोर्ट स्टाफ ज्योति प्रकाश के आशा भुगतान वाउचर रद्दी में देने के मामले में जांच समिति ने आरोप सही पाया और उनकी सेवा समाप्ति का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
डीएम ने बैठक में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि सौंपे गए दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विश्राम सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।