जहरीला पदार्थ खाने से बुजुर्ग की मौत, परिवार में मातम
बरेली के मोहनपुर ठिरिया निवासी 70 वर्षीय लीलाधर ने जंगल में जहरीला पदार्थ खा लिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मोहनपुर ठिरिया निवासी 70 वर्षीय लीलाधर ने जंगल में जहरीला पदार्थ खा लिया था।
परिजनों के मुताबिक, वह करीब छह महीने से मानसिक परेशानी से जूझ रहे थे।
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार को मौत, पत्नी और पांच बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल।
जन माध्यम
बरेली। थाना कैंट क्षेत्र के मोहनपुर ठिरिया गांव में 70 वर्षीय लीलाधर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों के मुताबिक, वह पिछले करीब छह महीने से मानसिक परेशानी से जूझ रहे थे। शनिवार को वह जंगल की ओर चले गए, जहां उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए लीलाधर ने रविवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
मोहनपुर ठिरिया निवासी लीलाधर पुत्र गेंदन लाल के भाई मेवाराम ने बताया कि लीलाधर बीते छह महीने से मानसिक परेशानी में रहते थे। गले में छाले पड़ जाने के कारण भी वह काफी परेशान थे। परिवार के मुताबिक, इससे पहले भी उन्होंने फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया था, लेकिन उस समय घरवालों ने उन्हें बचा लिया था।
मेवाराम के अनुसार, शनिवार को लीलाधर जंगल की ओर चले गए और वहां जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ समय बाद गांव के एक व्यक्ति ने परिवार को सूचना दी कि लीलाधर श्मशान भूमि के पास स्थित बाग में बेहोशी की हालत में पड़े हैं। सूचना मिलते ही परिजन घबराए हुए मौके पर पहुंचे। वहां लीलाधर की हालत गंभीर देखकर उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने लीलाधर को भर्ती कर उपचार शुरू किया। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज से उनकी हालत में सुधार होगा, लेकिन रविवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। काफी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
लीलाधर की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। घर में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के लिए यह दुखद घड़ी और भी मुश्किल है, क्योंकि लीलाधर अपने पीछे पत्नी नत्थो देवी और पांच बच्चों को छोड़ गए हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
परिजनों के मुताबिक, लीलाधर लंबे समय से परेशानियों से घिरे थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने अपनों को खोने का गम और भविष्य की चिंता दोनों हैं। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है।