एसआईआर रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

बरेली में इंकलाबी मजदूर केंद्र ने एसआईआर रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

एसआईआर रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
HIGHLIGHTS:

- इंकलाबी मजदूर केंद्र ने एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांग उठाई।

- संगठन ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और कथित दमन पर जताया विरोध।

- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

जन माध्यम
बरेली। मताधिकार को लोकतंत्र की बुनियाद बताते हुए इंकलाबी मजदूर केंद्र ने एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई है। संगठन ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कथित दमन और लोगों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में एसडीएम कुमारी पूनम भास्कर को सौंपा। ज्ञापन शहर सचिव ध्यान चंद्र मौर्य के नेतृत्व में दिया गया।

मतदाता सूची से नाम हटाने पर सवाल

ध्यान चंद्र मौर्य ने कहा कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, यह मामला नागरिकों के मताधिकार और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं को स्थानांतरित या अनुपस्थित बताकर सूची से बाहर किया गया, जबकि वे संबंधित क्षेत्रों में मौजूद हैं।

उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र स्थित बेला एस्टेट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एसआईआर से पहले वहां मतदाता सूची में 729 नाम थे, जबकि 31 अगस्त की मसौदा सूची में केवल एक नाम रह गया। संगठन ने इस उदाहरण के आधार पर मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि ज्ञापन में उपलब्ध विवरण से नहीं होती।

वंचित तबकों की भागीदारी पर चिंता

संगठन का कहना है कि जरूरी दस्तावेजों की कमी गरीबों, भूमिहीनों, प्रवासी मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। ध्यान चंद्र मौर्य ने कहा कि मतदाता सूची से किसी पात्र नागरिक का नाम छूटना उसके लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से प्रक्रिया में पारदर्शिता और शिकायतों के निष्पक्ष निस्तारण की मांग की गई।

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का आरोप

ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। संगठन ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित दमनात्मक कार्रवाई तत्काल रोकी जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व मंत्रियों के विरुद्ध कार्रवाई हो। साथ ही एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने की मांग रखी गई।

संगठन ने कहा कि मताधिकार केवल चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि लोकतंत्र में नागरिक की भागीदारी का अहम आधार है। ज्ञापन के दौरान ध्यान चंद्र मौर्य, कृष्णपाल और कैलाश समेत अन्य लोग मौजूद रहे।