उर्स ए मोहम्मदी में उमड़ेगी अकीदत की रौनक
बरेली में दरगाह वली मियां पर 24 अप्रैल से चार रोजा उर्स ए मोहम्मदी का आयोजन होगा जिसमें देश विदेश से जायरीन शामिल होंगे
24 अप्रैल से शुरू होगा चार रोजा उर्स
देश विदेश से पहुंचेंगे जायरीन
मुशायरा और तकरीरें होंगी आकर्षण
पर्चम कुशाई से होगा आगाज
बरेली। जब अकीदत सिर झुकाती है तो दरगाहों की फिजा में एक खास रूहानी सुकून उतर आता है और दिलों में मोहब्बत की रोशनी जगमगाने लगती है। आस्ताना ए आलिया मोहम्मदिया दरगाह वली मियां में 36वां उर्स ए मोहम्मदी इसी रूहानी माहौल के साथ मनाया जाएगा।
उर्स के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि 24 अप्रैल से शुरू हो रहे चार रोजा उर्स में देश और विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन शिरकत करेंगे। दुबई, दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, झारखंड, हैदराबाद, उत्तराखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले अकीदतमंद दरगाह पर हाजिरी देंगे।
मीडिया प्रभारी सय्यद नाजिर अली ने बताया कि 24 अप्रैल को इशा की नमाज के बाद उलमा ए इकराम की तकरीरें होंगी। 25 अप्रैल को सुबह विसाली कुल शरीफ और रात में इसलाही बयान होंगे। 26 अप्रैल को तरहई मुशायरा आयोजित किया जाएगा जिसमें मशहूर शायर डॉ हिलाल बदायूंनी निजामत करेंगे। 27 अप्रैल को शाम को इख्तेतामी कुल शरीफ के साथ उर्स का समापन होगा।
उर्स से पहले 23 अप्रैल को पर्चम कुशाई की रस्म अदा की जाएगी जो नीम की चढ़ाई से शुरू होकर अपने कदीमी रास्ते से होते हुए दरगाह पहुंचेगी।
जायरीन के ठहरने के लिए आस्ताने पर विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि दूर दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उर्स की सदारत सज्जादानशीन अनवर मियां करेंगे जबकि निजामत कारी जानिसार अख्तर के जिम्मे रहेगी। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं।