यूथ सम्मेलन में कुणाल चौधरी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर साधा निशाना
बरेली में यूथ कांग्रेस की समीक्षा बैठक में कुणाल चौधरी ने चुनाव आयोग, भाजपा सरकार, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों पर आरोप लगाए।
यूथ कांग्रेस की समीक्षा बैठक में कुणाल चौधरी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने जलभराव, फसल नुकसान, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे उठाए।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान
किया।
जन माध्यम
बरेली। सिविल लाइंस स्थित होटल हवेली में आयोजित यूथ कांग्रेस की पश्चिमी उत्तर प्रदेश समीक्षा बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी कुणाल चौधरी ने केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए। ये आरोप कांग्रेस नेता के राजनीतिक दावे हैं। कुणाल चौधरी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के सह-प्रभारी बनाए गए राष्ट्रीय सचिवों में शामिल हैं।
बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों के जिलाध्यक्ष और पदाधिकारी शामिल हुए। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब और राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
मीडिया से बातचीत में कुणाल चौधरी ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो आयोग को उसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं।
उन्होंने मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन के बजाय भाजपा कार्यालय की भूमिका हो रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का भी आरोप लगाया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख उपलब्ध सामग्री में नहीं है।
बरेली की समस्याओं का जिक्र करते हुए चौधरी ने स्मार्ट सिटी के दावों के बीच शहर में जलभराव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान कई इलाकों में पानी भर जाता है और उसे निकालने के लिए मोटर-पाइप लगाने पड़ते हैं।
उन्होंने हाल की बारिश से किसानों की धान और गन्ने की फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। चौधरी ने प्रभावित किसानों को 30 से 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की मांग की। किसानों की फसल के उचित मूल्य और एमएसपी को लेकर भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हालिया दौरों में भी चौधरी किसानों की फसल के दाम और स्थानीय समस्याओं के मुद्दे उठाते रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सत्ता में आने से पहले हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादे का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। पेट्रोल-डीजल और बिजली की कीमतों का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कुणाल चौधरी ने कार्यकर्ताओं से जमीन पर सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में जनता भाजपा को जवाब देगी। यह उनका राजनीतिक दावा है, किसी चुनाव परिणाम का स्वतंत्र आकलन नहीं।
समाजवादी पार्टी के साथ तालमेल के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्षी दल नफरत की राजनीति और संविधान पर कथित हमलों के खिलाफ एकजुट हैं। सीटों के बंटवारे का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा। सम्मेलन में कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और जन मुद्दों को लेकर सक्रिय रहने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन इलियास अंसारी, पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला, पूर्व महानगर अध्यक्ष असलम चौधरी, हेमेन्द्र शर्मा एडवोकेट, जिया उर रहमान, राजन उपाध्याय, राजाराम साहू, मुज्जमिल रजा एडवोकेट, डॉ. हरीश गंगवार, तबरेज खान, पाकिजा खान, नजमी खान जोया, उमेश आर्य, प्रभात गिरी गोस्वामी, राकेश सक्सेना, डॉ. मेहंदी हसन, उल्फत सिंह कठेरिया, तीरथ मधुकर, साहिब सिंह, सुखविंद्र सिंह, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, जुनैद हसन एडवोकेट, जफरुद्दीन मुन्ना पार्षद, मास्टर छोटे लाल, कमरुद्दीन सैफी, अकरम सैफी, मोईद सिद्दीकी, तारिक शहजाद, फिरोज खान, राकेश राठौर और प्रोफेसर अलाउद्दीन खान समेत अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।