ईरान में हिंसा के पीछे अमेरिका-इजरायल की भूमिका का आरोप
ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने चिंता जताई है। उन्होंने इसके पीछे अमेरिका और इजरायल की भूमिका का आरोप लगाते हुए हिंसा से दूर रहने की अपील की।
➡️ ईरान में बिगड़ते हालात पर मौलाना रजवी की चिंता
➡️ हिंसक प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका-इजरायल की भूमिका का आरोप
➡️ आर्थिक प्रतिबंधों से ईरान को कमजोर करने की बात
➡️ सत्ता परिवर्तन की साजिश का दावा
जन माध्यम। बरेली।
ईरान में जारी प्रदर्शनों को लेकर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने चिंता जताई है। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि ईरान की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और वहां हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, इन हिंसक प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजरायल की भूमिका बताई जा रही है।
मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि अमेरिका लंबे समय से ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने की नीति पर काम कर रहा है। विभिन्न प्रतिबंधों के चलते ईरान की आंतरिक स्थिति पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की मौजूदा सत्ता व्यवस्था को बदलना चाहता है और वहां सर्वोच्च नेता मौलाना अयातुल्लाह खामनाई की हुकूमत को समाप्त करने की मंशा रखता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पूर्व शासक रजा शाह पहलवी के बेटे को सत्ता में लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह आसान नहीं है। मौलाना के अनुसार, रजा शाह पहलवी के बेटे अमेरिका के करीबी माने जाते हैं और वहीं रहते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धरना-प्रदर्शन करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में गलत नहीं है। अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, तोड़फोड़ और जान-माल को नुकसान पहुंचाना किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता।
मौलाना रजवी ने कहा कि भारत और भारत के मुसलमान पूरी दुनिया में अमन, शांति और सुकून की कामना करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर किसी भी तरह की दादागिरी और तानाशाही समाप्त होनी चाहिए, ताकि देशों के बीच शांति और स्थिरता बनी रहे।
अपने बयान के अंत में उन्होंने दोहराया कि ईरान में मौजूदा हालात केवल आंतरिक कारणों का नतीजा नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिशें भी काम कर रही हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और हिंसा से दूर रहने की अपील की।