चार धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन के बाद सैंथल लौटे सुशील गुप्ता

चार धाम, द्वादश ज्योतिर्लिंग और देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सैंथल लौटे सुशील सुमन गुप्ता का परिवार व श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।

चार धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन के बाद सैंथल लौटे सुशील गुप्ता
HIGHLIGHTS:

सुशील सुमन गुप्ता ने चार धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।

सैंथल लौटने पर परिवार और धार्मिक श्रद्धा से जुड़े लोगों ने स्वागत-अभिनंदन किया।

देर रात तक निज निवास पर भजन संध्या का आयोजन हुआ।

जन माध्यम
सैंथल, बरेली।
नगर पंचायत सैंथल निवासी सुशील सुमन गुप्ता ने देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा कर धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक अनुभवों के साथ अपने नगर में वापसी की। चार धाम, द्वादश ज्योतिर्लिंग समेत अनेक देवस्थलों के दर्शन कर लौटने पर परिवार और समाज के धार्मिक श्रद्धा से जुड़े लोगों ने उनका स्वागत-अभिनंदन किया।

सुशील सुमन गुप्ता लंबे समय से धार्मिक और आध्यात्मिक रुचि से जुड़े हुए हैं। उन्होंने संपूर्ण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का संकल्प लिया था। इसी क्रम में उन्होंने चार धाम के साथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए।

यात्रा के दौरान उन्होंने उत्तराखंड के बद्रीनाथ, गुजरात के द्वारका, ओडिशा के जगन्नाथ पुरी और तमिलनाडु के रामेश्वरम धाम के दर्शन किए। इसके अलावा सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।

उन्होंने उत्तराखंड के चार धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा भी की। इसके साथ ही अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बरसाना, वृंदावन, हरिद्वार, पद्मनाभ मंदिर, नीम करौली, जागेश्वर, तिरुपति बालाजी, मेहंदीपुर बालाजी, शिर्डी साईं बाबा, शनि शिंगणापुर, खाटूश्याम, गंगासागर, भेंट द्वारका, द्वारिकाधीश, कोणार्क, वैष्णो देवी, अक्षरधाम, पूर्णागिरि और वाराणसी सहित अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।

धार्मिक यात्रा से लौटने के बाद सुशील सुमन गुप्ता ने कहा कि जिन-जिन देवस्थलों पर वह पहुंचे, वहां परिवार, समाज और सर्वकल्याण की कामना प्रभु से की। उन्होंने कहा कि यह यात्रा प्रभु के आशीर्वाद से पूरी हुई है और अब जीवन का शेष समय प्रभु के चरणों में समर्पित करने की इच्छा है।

उन्होंने तीर्थस्थलों की रज-मिट्टी को माथे से लगाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उनके सैंथल आगमन पर धार्मिक भावनाओं से जुड़े लोगों और परिजनों में उत्साह रहा।

स्वागत-अभिनंदन के बाद निज निवास पर देर रात तक भजन संध्या हुई। इसमें परिवार और परिचितों ने शामिल होकर भक्ति गीतों का आनंद लिया।

इस अवसर पर सुशील गुप्ता, सुमन गुप्ता, जगदीश अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, ममता अग्रवाल, साधना अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, वीरेंद्र गोयल, हिर्देश गोयल, संजय अग्रवाल, निर्देश अग्रवाल, अजय गुप्ता, अनुभा गुप्ता, वैष्णवीं, पंखुड़ी, भूमिका, विशाल, दीक्षा गुप्ता, अतुल गुप्ता, विदुषी गुप्ता, निराली, तृषा, झलक, शीतल माहेश्वरी, तनुज माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।