UPI पर 0.4 प्रतिशत MDR के विरोध में व्यापारी

UPI के चुनिंदा व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR के विरोध में बरेली व्यापारियों ने जागरूकता अभियान चलाकर शुल्क वापस लेने की मांग की।

UPI पर 0.4 प्रतिशत MDR के विरोध में व्यापारी
UPI पर 0.4 प्रतिशत MDR के विरोध में व्यापारी
HIGHLIGHTS:

बरेली में व्यापारियों ने 0.4 प्रतिशत MDR के विरोध में जन-जागरूकता अभियान शुरू किया।

संगठन ने सरकार से शुल्क पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की।

सरकार के अनुसार 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान और पात्र शून्य-MDR श्रेणी के लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे।

जन माध्यम
बरेली।
UPI से होने वाले चुनिंदा व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने के विरोध में बरेली के व्यापारियों ने जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने आलमगीरीगंज में व्यापारियों और लोगों के बीच पंपलेट वितरित कर MDR को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। संगठन ने सरकार से शुल्क पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की है।

भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष सतीश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी पहले से ऑनलाइन कारोबार और बाजार में मंदी की स्थिति से प्रभावित हैं। ऐसे में UPI पर MDR से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत अलग-अलग बाजारों में पंपलेट बांटे जा रहे हैं और सांसद के माध्यम से वित्त मंत्री को भी ज्ञापन भेजकर व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की गई है।

प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री अनिल अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों ने बड़ी मुश्किल से UPI को कारोबार का हिस्सा बनाया है और गांव-देहात तक डिजिटल भुगतान की आदत पहुंची है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से MDR वापस लेने की मांग की।

उन्होंने बताया कि चार दिन के अभियान के तहत सर्राफा बाजार, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट, बांसमंडी हार्डवेयर मार्केट, सिविल लाइंस और सुभाष नगर समेत विभिन्न बाजारों में व्यापारियों को MDR के प्रभाव की जानकारी दी जाएगी।

सरकारी स्पष्टीकरण के मुताबिक 0.4 प्रतिशत MDR सभी UPI लेनदेन पर लागू नहीं है। यह निर्धारित 2,000 रुपये से अधिक के P2M यानी ग्राहक से व्यापारी को होने वाले चुनिंदा लेनदेन पर लागू है। 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान और पात्र शून्य-MDR श्रेणी के छोटे व्यापारियों के लेनदेन पर MDR नहीं लगाया जाएगा। सरकार के अनुसार करीब 96 प्रतिशत P2M लेनदेन इससे प्रभावित नहीं होंगे। MDR ग्राहक से वसूलने वाला शुल्क भी नहीं है और बैंकों को इसे ग्राहक पर डालने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं।