जजमानी को लेकर किन्नरों के दो गुट आमने-सामने
बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र में जजमानी और नेग को लेकर किन्नरों के दो गुटों में विवाद सामने आया। दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत कर गंभीर आरोप लगाए।
सुभाषनगर क्षेत्र में जजमानी और नेग को लेकर किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच विवाद।
पूनम किन्नर ने अपने चेलों के साथ जान-माल का खतरा जताया, रजनी किन्नर ने घेरकर धमकाने का आरोप लगाया।
दोनों पक्षों की शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं; पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति।
जन माध्यम
बरेली। जजमानी और नेग को लेकर सुभाषनगर थाना क्षेत्र में किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच विवाद गहरा गया है। मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत देकर अपनी-अपनी बात रखी है। एक ओर गुरु पूनम किन्नर ने अपने चेलों के साथ जान-माल का खतरा जताते हुए सुरक्षा की मांग की है, वहीं दूसरी ओर रजनी किन्नर ने घेराबंदी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पूनम किन्नर ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि पिंकी, नंदनी, सिमी, तानिया, इशिका, सिमरन, रागिनी और पल्लवी किन्नर उनके चेले हैं और उनके साथ रहते हैं। उनके अनुसार सुभाषनगर, मढ़ीनाथ जंक्शन रोड, सिविल लाइंस, साहूकारा और कोहाड़ापीर सहित आसपास के इलाके उनकी जजमानी में आते हैं।
पूनम ने रजनी और टीना किन्नर के अलावा पप्पू, सोनू, गुड्डू समेत कुछ अन्य लोगों से खतरे की आशंका जताई है। उन्होंने अपने और अपने साथ रहने वाले चेलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
दूसरे पक्ष की ओर से गढ़ी चौकी, मुरावपुरा निवासी रजनी किन्नर ने भी पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वह करीब 26 वर्षों से संबंधित क्षेत्रों में नेग मांगने का काम कर रही हैं।
रजनी के आरोप के मुताबिक, तीन अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे पूनम किन्नर के साथ पिंकी उर्फ टिंकू, रागिनी और पल्लवी समेत करीब 20 से 25 लोगों ने करगैना चौकी और बाजपेई ढाल के पास उन्हें घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और नेग मांगने को लेकर जान से मारने की धमकी दी गई।
पूनम पक्ष के मुताबिक, मुख्य गुरु मनीषा किन्नर के आने तक रजनी किन्नर संबंधित क्षेत्र में बधाई नहीं मांगेगी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। हालांकि, घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल दोनों पक्षों ने अपनी शिकायतों के जरिए पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है। मामले में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई से ही विवाद की असल तस्वीर सामने आएगी।