EXCLUSIVE: चार दशक पुरानी सेमीखेडा चीनी मिल में लगेगा नया प्लांट
1 डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई, 2,750 करोड़ होगें खर्च
2. 2750 टीसीडी से बढकर 3509 टीसीडी हो जाएगी क्षमता
इकरार
देवरनियां, बरेली। जिले की एकमात्र किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा के दिन चार दशक बाद बहुरने वाले हैं। जबाब दे चुके मिल के पूरे प्लांट को बदलकर नया प्लांट लगाया जाएगा, जिसकी डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गाई है। नये प्लांट पर 2,750 (दो हजार, सात सौ पचास) करोड़ रुपए खर्च होगें।
जिला मुख्यालय से तीस किलोमीटर दूर बरेली-नैनीताल हाईवे किनारे नगर पंचायत देवरनियां के कस्बा सेमीखेडा में हाईवे किनारे वर्ष 1982 में किसान सहकारी चीनी मिल की स्थापना की गई थी, मगर पहला पेराई सत्र वर्ष 1984 में शुरू हुआ था। यह जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल है, जिले में अन्य चीनी मिलें प्राइवेट हैं।
43 साल पुरानी किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा की मशीनरी पुरी तरह जवाब दे चुकी है,हर वर्ष पेराई सत्र के दौरान मशीनरी में खामी की वजह से मिल अनेकों बार ठप रहती है। इस मिल के विस्तार की कवायद तो काफी समय से चल रही थी,मगर अंतिम निर्णय के अनुसार मिल का पूरा प्लांट बदला जाएगा। इसके लिए शासन की हरी झंडी मिलने पर मिल प्रबंधन और जिला मुख्यालय से डीपीआर ( डिटेल प्रोग्रेस रिपोर्ट ) बनाकर शासन को भेजी जा चुकी है, बजट जारी होते ही नया प्लांट लगना शुरू हो जाएगा, जोकि पुराने प्लांट के बराबर में पड़ी जगह पर बनेगा। इसके बनाने में डेढ़ से दो वर्ष लगेंगे, तब तक पेराई पुराने प्लांट से ही होगी।
नया प्लांट लगने से मिल की पेराई क्षमता 3500 हो जाएगी, अब तक मिल की पेराई क्षमता 2750 है,मगर 2200 चलती थी।
सेमीखेडा चीनी मिल की शुरुआत चार चार दशक पूर्व 1200 क्षमता से हुई थी, जिसे वर्ष 1990-91 में बढाकर 2750 क्षमता की गई थी। अब चार दशक बाद नया प्लांट लगेगा, इससे जिले की इस एक मात्र किसान सहकारी चीनी मिल के दिन बहुरेगें।
नया प्लांट लगने की डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी गाई है, उम्मीद है, जल्दी ही मंजूरी मिल जाएगी। इससे किसानों को तो राहत मिलेगी ही, मिल भी सही तरह से चल सकेगी। नया प्लांट पुराने प्लांट के बराबर में पड़ी भूमि पर लगेगा- किशन लाल, जीएम सेमीखेडा चीनी मिल।