सेंथल से तीन लोग उमराह के लिए रवाना
सेंथल से हाफिज इरशाद उल कादरी नूरी अपनी अहलिया और जहीर अहमद के साथ उमराह के लिए रवाना। लोगों ने भावुक विदाई के साथ दी दुआएं।
सेंथल से तीन लोग उमराह के लिए रवाना
हाफिज इरशाद कादरी नूरी को भावुक विदाई
सुबह से ही निवास पर जुटी रही लोगों की भीड़
दुआओं और नारों के बीच हुआ रुखसत
सरफराज़ खान । जन माध्यम
सेंथल (बरेली)। रुखसती के वो लम्हे, जब आंखों में आंसू होते हैं और होंठों पर दुआएं — सेंथल में आज सुबह कुछ ऐसा ही भावुक और रूहानी माहौल देखने को मिला।
रुखसती का माहौल
सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। देखते ही देखते माहौल मजहबी नारों से गूंज उठा और हर तरफ दुआओं की आवाज सुनाई देने लगी।
कौन रवाना हुआ
नूरी जामा मस्जिद के इमाम और मदरसा हनफिया नूरिया के नाजिम-ए-आला हाफिज इरशाद उल कादरी नूरी अपनी अहलिया और मोहल्ले के रिश्तेदार जहीर अहमद के साथ उमराह के मुकद्दस सफर पर रवाना हुए।
लोगों का उमड़ा प्यार
सुबह से ही उनके निवास पर चाहने वालों की भारी भीड़ जुटी रही। लोग गले मिलकर उन्हें फूल-मालाएं पहनाते रहे, तोहफे भेंट किए और उनके सफर की कामयाबी के लिए दुआएं दीं।
रुखसती से पहले दावत
सफर पर रवाना होने से एक दिन पहले हाफिज साहब ने अपने यहां दावत का आयोजन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की और उन्हें मुबारकबाद दी।
दुआओं के साथ विदाई
रुखसती के समय लोगों ने जोरदार मजहबी नारों के साथ उनका इस्तकबाल किया और उनके सफर के लिए दुआएं मांगीं। कुछ लोग उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट तक छोड़ने के लिए भी साथ गए।
मौजूद लोग
इस मौके पर हाफिज अरशद, हाजी मुन्ने अंसारी लियाकती, हाजी अख्तर हुसैन, मौलाना खुर्शीद मिस्बाही, हाजी मोहम्मद यूनिस, जावेद खान, रईस अहमद सलमानी, अकरम खां सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।