रात के अंधेरे में जेई ने लौटाई गांव की रोशनी

बरेली के शाही क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने पर जेई रामदेव वर्मा ने रात में पहुंचकर गांव की बिजली बहाल की

रात के अंधेरे में जेई ने लौटाई गांव की रोशनी
HIGHLIGHTS:

ट्रांसफार्मर खराब होने से गांव अंधेरे में डूबा

जेई ने रात में लौटकर खुद ठीक की समस्या

कुछ ही समय में बहाल हुई बिजली आपूर्ति

ग्रामीणों ने की कार्यशैली की जमकर सराहना

दीनानाथ कश्यप। जन माध्यम

शाही।बरेली। जब पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है और उम्मीदें भी बुझने लगती हैं, तब अगर कोई अधिकारी खुद आगे आकर रोशनी लौटा दे, तो वह सिर्फ ड्यूटी नहीं बल्कि इंसानियत की मिसाल बन जाती है।

शाही पावर हाउस के कुड़का नगरिया फीडर से जुड़े गांव छोटा बसावनपुर में मंगलवार रात अचानक ट्रांसफार्मर का फेज खराब हो गया, जिससे पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। तेज गर्मी और अंधेरे के बीच ग्रामीण परेशान हो उठे और समस्या का समाधान खोजने में जुट गए।

ग्रामीणों ने लाइनमैन से संपर्क किया, लेकिन काफी देर तक कोई हल नहीं निकल सका। समय बीतता गया और लोग निराश होकर रात अंधेरे में गुजारने की सोचने लगे। इसी बीच एक जागरूक ग्रामीण ने हिम्मत कर अवर अभियंता रामदेव वर्मा को फोन कर स्थिति से अवगत कराया।

उस समय जेई रामदेव वर्मा किसी जरूरी कार्य से बरेली जा रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्हें गांव की परेशानी का पता चला, उन्होंने तुरंत अपना कार्यक्रम बदला और वापस गांव की ओर लौट पड़े।

रात करीब 10 बजे वह छोटा बसावनपुर पहुंचे और बिना देरी किए ट्रांसफार्मर की जांच शुरू कर दी। उन्होंने खुद तकनीकी कार्य करते हुए खराब फेज को दुरुस्त किया। उनकी मेहनत रंग लाई और कुछ ही समय में पूरे गांव में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।

अंधेरे में डूबे घरों में जैसे ही रोशनी लौटी, ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई। लोगों ने जेई रामदेव वर्मा की तत्परता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना की।

ग्रामीणों का कहना है कि आज के समय में ऐसे अधिकारी कम ही देखने को मिलते हैं, जो अपनी जिम्मेदारी से बढ़कर आम लोगों की समस्या को प्राथमिकता देते हैं। उनकी इस पहल ने न सिर्फ गांव को राहत दी, बल्कि प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत किया है।

गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे ईमानदार और कर्मठ अधिकारियों को सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरणा मिल सके। जेई रामदेव वर्मा की यह कार्यशैली क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।