जासूसी का जाल, फंदेबाज विजय का कमाल!...जाने मामला
1. नौकरी के नाम पर ठगी, एसपी सिटी ने किया भंडाफोड़
2. 12 वीं फेल "नटवरलाल" गिरफ्तार
बरेली। शहर में एक ऐसा खेल चल रहा था जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाएगा। 12वीं फेल विजय ने खुद को खुफिया नेटवर्क का डायरेक्टर बताकर एक ऐसा चक्रव्यूह रच दिया था कि लोग उसमें फंसते चले गए। मगर पुलिस की नजरों से कब तक बचता। आखिरकार एसपी सिटी मानुष पारीक की टीम ने इस जालसाज को पटेल नगर से धर दबोचा। विजय मैसी का फॉर्मूला सीधा था—बेरोजगार युवाओं के सपनों को बेचकर जेबें भरना। वह फर्जी पुलिस आईकार्ड और नारकोटिक्स विभाग के नकली नियुक्ति पत्र तैयार कर लोगों को ठग रहा था। दिलचस्प बात यह है कि खुद को हाई-फाई दिखाने के लिए वह अपने नाम के आगे डायरेक्टर जोड़ता था। लोग सोचते बड़े आदमी से काम पड़ गया है और झांसे में आ जाते।
सूचना मिलते ही पुलिस ने कोई देर नहीं की। एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में टीम ने पटेल नगर में छापा मारा और वहां जो मिला वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। विजय के पास से पुलिस के नकली आईकार्ड, नारकोटिक्स विभाग के जाली नियुक्ति पत्र और ढेर सारे संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए।
12वीं फेल मगर दिमाग तेज
जिस विजय को लोग पढ़ा-लिखा और कोई बड़ा अधिकारी समझ रहे थे। असल में वह 12वीं फेल निकला। लेकिन उसकी चालाकी ने कई लोगों को उसकी मीठी-मीठी बातों में फंसा दिया। पूछताछ में उसने कबूला कि वह लंबे समय से इस ठगी के धंधे में लगा था और सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये ऐंठ चुका था। विजय की पोल खुलने के बाद उसे तुरंत जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब जांच में जुटी है कि उसके गिरोह में और कौन-कौन शामिल था और ठगी की रकम कहां-कहां पहुंची।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि थाना प्रेम नगर से सूचना आई थी कि एक व्यक्ति फर्जी संस्था चला कर लोगों को आई कार्ड बांट रहा है। यह प्रॉमिस करता था कि उनके जो भी प्रार्थना पत्र हैं उच्च अधिकारियों के पास उसके द्वारा भेजा जाएगा। इस तरह की सूचना प्राप्त हुई थाना पुलिस विजय मैसी को गिरफ्तार कर और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।