सेवा संग मनाई बैसाखी

बरेली में बैसाखी पर पंजाबी महासभा ने डीडी पुरम में विशाल लंगर लगाया, सेवा और श्रद्धा का अनोखा संगम दिखा।

सेवा संग मनाई बैसाखी
HIGHLIGHTS:

डीडी पुरम में विशाल लंगर का आयोजन

सेवा भावना के साथ मनाया गया बैसाखी पर्व

श्रद्धालुओं ने अटूट लंगर ग्रहण किया

शहीदों को भी दी गई श्रद्धांजलि

जन माध्यम
बरेली। जब सेवा और श्रद्धा एक साथ जुड़ते हैं, तो पर्व सिर्फ उत्सव नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम बन जाता है। बैसाखी के अवसर पर बरेली में ऐसा ही भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला।

पंजाबी महासभा द्वारा बैसाखी का पावन पर्व डीडी पुरम क्षेत्र में बड़े ही हर्षोल्लास और सेवा भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने मिलकर राहगीरों और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।

मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही महासभा के पदाधिकारी और सदस्य सेवा में जुट गए। लंगर में पूरी-आलू, जलेबी, दही और केले का वितरण किया गया। साथ ही गर्मी को देखते हुए जलजीरा जैसे शीतल पेय की भी व्यवस्था की गई, जिससे लोगों को राहत मिली।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और वाहेगुरु का सिमरन करते हुए अटूट लंगर ग्रहण किया। पूरे वातावरण में भक्ति और सेवा का अनोखा संगम देखने को मिला।

इस दौरान महासभा के अध्यक्ष संजय आनंद ने बैसाखी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसी दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, जो साहस और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बैसाखी सौर नव वर्ष और फसल कटाई की खुशी का भी प्रतीक है।

कार्यक्रम में जलियांवाला बाग के शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह दिन हमें देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों की याद दिलाता है और उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सतीश कातिव मामा ने की। आयोजन को सफल बनाने में संजय आनंद, देवराज चंडोक, अमित अरोरा, नमित गुलाटी, प्रिंस सोढ़ी, गुलशन आनंद, मनीषा आहूजा, संजीव आनंद और रणजीत सिंह काका सहित कई लोगों का विशेष सहयोग रहा।

साथ ही केवल किशन राम अरोरा, बलदेव नागपाल, सोनू अरोरा और पवन नारंग ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया। अंत में सभी ने एक-दूसरे को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए समाज की उन्नति का संकल्प लिया।