जब ठंड और कोहरे से निपटने खुद सड़कों पर उतरा प्रशासन
मेरठ में बढ़ती ठंड और घने कोहरे के बीच डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने देर रात तक सड़कों, अस्पतालों और रैन बसेरों का निरीक्षण कर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
➡️ डीएम-एसएसपी का दिन से देर रात तक स्थलीय निरीक्षण
➡️ अस्पताल में गंदगी पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश
➡️ रैन बसेरों में पहुंचकर असहायों से सीधा संवाद
➡️ जरूरतमंदों को कंबल वितरण
➡️ कोहरे में हादसे रोकने के लिए रिफ्लेक्टर चेकिंग अभियान
➡️ नियम उल्लंघन पर चालान और वाहन सीज
➡️ प्रशासन की सख्ती से जनता में भरोसा मजबूत
हशमे आलम/ जन माध्यम
मेरठ। जब ठंड और घना कोहरा आम जनजीवन के लिए खतरा बनने लगे, तब प्रशासन का कागजों से निकलकर जमीन पर उतरना ही असली राहत बनता है। सोमवार, 22 दिसंबर 2025, को कुछ ऐसा ही नजारा मेरठ में देखने को मिला, जब जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताड़ा ने दिन से लेकर देर रात तक शहर का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उद्देश्य साफ था—ठंड से किसी की जान न जाए, और कोहरे में सड़कें जानलेवा न बनें।
डीएम और एसएसपी ने सबसे पहले प्यारेलाल अस्पताल का दौरा किया। इमरजेंसी वार्ड और परिसर स्थित रैन बसेरा का निरीक्षण किया गया। इस दौरान शौचालयों की खराब सफाई और गेट पर अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई। जांच में यह भी सामने आया कि रैन बसेरा में कई महीनों से कोई ठहराव नहीं हुआ था, जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, मरीजों से लिए गए फीडबैक में उपचार व्यवस्था को लेकर संतोष जताया गया। लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए, साथ ही अस्पताल अधीक्षक को तत्काल सुधार सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
इसके बाद प्रशासनिक टीम ने टाउन हॉल, घंटाघर और परतापुर स्थित रैन बसेरों का निरीक्षण किया। यहां ठहरे लोगों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली गई। डीएम ने साफ निर्देश दिए कि कोई भी असहाय व्यक्ति सड़क या खुले में ठंड में सोने को मजबूर न हो। ऐसे लोगों को तत्काल रैन बसेरों में शिफ्ट किया जाए। निरीक्षण के दौरान जरूरतमंदों को कंबल भी वितरित किए गए और राहत अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का रुख और सख्त नजर आया। दिल्ली रोड, रेलवे चोपला, फुटबॉल चौक सहित प्रमुख मार्गों पर वाहनों में रिफ्लेक्टर की जांच की गई। कई वाहनों में नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान काटे गए और कुछ वाहन सीज किए गए। एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने निर्देश दिए कि कोहरे में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, साथ ही सड़क किनारे भी रिफ्लेक्टर लगाने का अभियान तेज किया जाए।
डीएम डॉ. वीके सिंह ने कहा कि इस बार मेरठ में ठंड ने पिछले 14 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रैन बसेरा, अलाव, कंबल वितरण और यातायात सुरक्षा—हर स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी प्रशासनिक सक्रियता की चर्चा है। #MeerutColdWave हैशटैग के साथ लोग रैन बसेरों और निरीक्षण के वीडियो साझा कर रहे हैं और प्रशासन की तत्परता की सराहना कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह निरीक्षण एक कड़ा संदेश छोड़ गया—
ठंड और कोहरा चुनौती हैं,
लेकिन लापरवाही अब अपराध मानी जाएगी।