पुलिस का अमानवीय व्यवहार: प्रेमी संग लौटी छात्रा के घर घुसे SI, जबरन बयान लेने से मां की हालत गंभीर
ग्रामीण भारत में पुलिस की मनमानी ने एक परिवार को तोड़ दिया। प्रेमी के साथ लौटी 18 वर्षीय छात्रा के घर उपनिरीक्षक अर्जित कुमार जबरन बयान लेने घुसे, धक्कामुक्की में मां संतोष देवी को दिल का दौरा पड़ा। गांववालों ने वीडियो वायरल कर विरोध जताया। एसपी ने जांच के आदेश दिए, लेकिन परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। यह घटना पुलिस की संवेदनहीनता पर सवाल उठाती है।
➡️ 18 वर्षीय छात्रा प्रेमी संग लौटी, पिता ने थाने में शिकायत की।
➡️ उपनिरीक्षक अर्जित कुमार घर घुसे, जबरन बयान लेने की कोशिश।
➡️ धक्कामुक्की में मां संतोष देवी को दिल का दौरा, हालत गंभीर।
➡️ गांववालों ने वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल किया।
➡️ एसपी ने जांच के आदेश दिए, ग्राम प्रधान ने वर्दी दुरुपयोग की निंदा की।
हसीन दानिश, जन माध्यम
क्योलडिया,बरेली। ग्रामीण भारत की एक साधारण कहानी ने पुलिस की मनमानी का काला चेहरा उजागर कर दिया। थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में किसान रामलाल की 18 वर्षीय बेटी दो दिन पहले प्रेमी के साथ घर से गायब हो गई थी। चिंतित पिता ने तुरंत थाने में तहरीर देकर बेटी की तलाश की गुहार लगाई। भाग्यवश, कल रात छात्रा सकुशल लौट आई, लेकिन आज का दिन परिवार के लिए दर्दनाक साबित हुआ। थाने से उपनिरीक्षक अर्जित कुमार बयान दर्ज करने के बहाने पहुंचे और नाटकीय ढंग से घर में घुस गए, जिससे हंगामा मच गया।
परिवार के अनुसार, उपनिरीक्षक ने छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराने का हवाला देकर उसे जबरन थाने ले जाने की कोशिश की। घरवालों ने साफ कहा कि वे खुद थाने आ जाएंगे, लेकिन अधिकारी ने महिलाओं के सामने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। "हमारी बेटी को छूने की हिम्मत मत करना!" चीख उठीं जब बहन-भाभियां ने विरोध किया। परिवार ने शर्त रखी कि महिला कांस्टेबल के साथ ही छात्रा जाएगी, न कि प्राइवेट गाड़ी में। उपनिरीक्षक के जिद पर गांव वाले इकट्ठे हो गए। डरकर अधिकारी भाग निकले, लेकिन गांव वालों ने पूरा वाकया मोबाइल पर रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे एक वर्दीधारी अफसर ग्रामीणों की गरिमा को तार-तार करने पर तुला था।
इस हड़बड़ी में छात्रा की मां संतोष देवी को दिल का दौरा पड़ा। परिवार वाले उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां समाचार लिखे जाने तक उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि तनाव से ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। यह घटना पुलिस की संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है। प्रेम संबंधों में उलझी युवा पीढ़ी के मामले संवेदनशील होते हैं, जहां परिवार की इज्जत और बेटी की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
थाने पर तनाव बरकरार है। एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन गांव वाले न्याय की मांग कर रहे हैं। "वर्दी का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं," बोले ग्राम प्रधान। यह वाकया न केवल एक परिवार का दर्द है, बल्कि पूरे समाज के लिए सबक—कि कानून का पालन करते हुए इंसानियत न भूलें। क्या यह वीडियो बदलेगा पुलिस का रवैया, या फिर यूं ही दब जाएगा? समय बताएगा।